तेरी प्यारी हर बात है

तेरी प्यारी हर बात है
ये बड़ा हसीन सा साथ है
जिस पल में तू मेरे पास है
वो बेहद ही खास है |

तेरे जुल्फ को मैं सँवार लूँ
मेरे पास आ तुझे प्यार दूँ ,
जो झुकी झुकी सी है नज़र
जो रुका रुका सा है पहर ,
मैं अपना सबकुछ हार के
हर जीत तुझपे वार के,
तेरे राह पे तो मुड़ा हूँ मैं
तेरे पास आ के रुका हूँ मैं ,
मेरे हाथों को थाम ले
मुझे खुद से अपने बांध ले,
मेरे राहों के हर दीये
जलते तेरे ही नाम के |

मेरा नाम तू जो पुकारती
मुझे प्यार से निहारती ,
तेरे इस अदा की खुमार में
झूमे मेरा दिल प्यार में ,
कंगन ये तेरे हाथों का
झुमका ये तेरे कानों का ,
मुझे हौले से बुलाये रे
तेरे पास मुझको लाये रे ,
मेरा जीवन तेरे नाम है
तुझे चाहना मेरा काम है ,
मेरे गीतों में है तेरा नाम
तुझ तक जा पहुँचे ये पैगाम |

निशांत चौबे ‘अज्ञानी’
१४.०५.१७

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nishantchoubey

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