गुड़ियाँ

गुड़ियाँ प्यारी प्यारी गुड़ियाँ
गुड़ियाँ मेरी प्यारी गुड़ियाँ

आज जन्मदिन पर
मैंने लिखा है ये
एक छोटा सा गीत
जिसमे भरी है प्रीत ।

तुझसे दूर हूँ
मैं मजबूर हूँ
पर करूँगा सदा
अपना फ़र्ज़ अदा।

तेरे होठों पर
आये हमेशा
एक मीठी सी ख़ुशी
हो ना तू दुखी ।

गम की रातें
यूँ ही कट जाएँगी ,
दूर होगा अँधेरा
होगा फिर सवेरा ।

हौसला अपना
कायम रखना
जीत जायेंगे हम
दूर होंगे गम ।

करते है तुझसे
प्यार हम सब
हम कहे ना कहे
तेरा गम सहे ।

हिम्मत रखना
आगे बढ़ना
हम है तेरे साथ
चाहे ना पकड़े हाथ ।

गर्व हमारा तू
आँखों का तारा तू
अपने को तू जान
खुद से ही तू अनजान ।

आज शपथ ले
एक वचन दे
अच्छी रहेगी तू
नेक बनेगी तू ।

खुश रहे तू
हमेशा हँसे तू
प्यार ही प्यार रहे
मेरी दुआ ये पले ।

निशांत चौबे ‘ अज्ञानी ‘
१२.०९.२०१३

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